About रोज़ सुबह उठने के बाद ये जरुर सुनो

किसी को क्या हासिल होगा मुझे याद करने से, दोस्तो...मैं तो एक आम इंसान हूँ;

तुम्हारी यादों में मेरा अक्स झिलमिलाता होगा;

एक तेरा ही तो नाम था जिसे हज़ार बार लिखा;

उनकी यादें भी तो तड़पाने से बाज़ नहीं आती!

पर तुम्हारी याद में रहने की आदत अब भी बाकी है।

जीना चाहते हैं मगर ज़िन्दगी रास नहीं आती!

​​ माना के बरसों से तेरी गली में ​आना-जाना नहीं।

हौंसला मुझ में नहीं तुझको भुला देने का;

सारी महफ़िल भुल गये बस वह चेहरा याद रहा!

तुझे भूलने की कोशिशें कभी कामयाब न हो सकें;

कुछ लोग जिंदगी get more info मे इस कदर शामिल हो जाते हैं;

जब ये पल ना होंगे, तब सिर्फ बातें होंगी;

दिन रात तंग करती हैं मुझे कर्ज़दार की तरह।

किसी ने हमसे पूछा कि वादों और यादो में क्या फर्क होता है?

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